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बलौदाबाजार : जिला चिकित्सालय में डॉक्टरो और नर्स के के दुर्व्यवहार से व्यथित ,जिले की लगभग 1500 मितानिनों ने जिला चिकित्सालय का किया घेराव..

मोहन वर्मा के इलाज के अभाव में डॉक्टरों की लापरवाही से हुवे मौत के दोषियों को सजा दिलाने ,

नर्सो द्वारा हॉस्पिटल में आये मरीजो , उनके परिजनों ,मितानिनों से किये जाने वाले दुर्व्यवहार से क्षुब्ध होकर जिले की लगभग 1500 मितानिनों ने घेरा जिला चिकित्सालय

मितानिनों ने कहा नर्स सहित सीएमएचओ को बर्खास्त करो

10:30 से घेरा जिला हॉस्पिटल 1:30 तक मांगे पूरी नहीV हुई तो पहुचे कलेक्टोरेट 1:30से 2 बजे तक कलेक्टोरेट का किया घेराव 2 बजे सौपा ज्ञापन..

केशव साहू 

बलौदा बाजार ।। जिला चिकित्सालय में डॉक्टरो और नर्स के के दुर्व्यवहार से व्यथित ,जिले की लगभग 1500 मितानिनों ने गुरुवार की सुबह 10:30 बजे से जिला चिकित्सालय का घेराव किया और मोहन वर्मा के इलाज के अभाव में हुई मौत के दोषियों पर कड़ी कार्यवाही की मांग को लेकर अड़े रहे मितानिनों के आवाहन पर शिवसेना ,बजरंग दल ,विधायक के लोग और नगर के कुछ जनप्रतिनिधियों उनके समर्थन में साथ डटे रहे ।
मितानिने सुबह से जिले के अलग अलग ब्लॉक से पहुचने लगी और लगभग 10:30बजे वो ग्रुप में अपने लीडर मितानिन संघ की प्रदेश अध्यक्ष सरोज सिंगर ,मितानिन ट्रेनर संध्या वर्मा के साथ जिला चिकित्सालय के गेट में पहुची और मितानिनों ने जिला चिकित्सालय प्रबंधन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की इस दौरान एसडीएम लवीना पांडेय , तहसीलदार गौतम सिंग , अतिरिक्त तहसीलदार अंजली शर्मा उपस्थित थी मितानिनों द्वारा किये जाने वाले इस घेराव की जानकारी पूर्व से होने के चलते एएसपी जे आर ठाकुर ,एसडीओपी त्रिवेदी , टीआई नरेश चौहान सुबह से ही भरपूर दल बल के साथ तैनात थे इस चिलचिलाती धूप में मितानिनो ने और नेताओं लगभग 3 घंटे जिला चिकित्सालय के सामने तो लगभग आधे घंटे कलेक्टोरेट को घेरा इस दौरान मितानिनों ने अपनी मांगे रखते हुवे बताया कि जिला चिकित्सालय महज रेफेर सेन्टर बन कर रह गया है मितानिनों को संस्थागत प्रसव कराने के लिए हॉस्पिटल लेन हेतु जोर दिया जाता है पर हॉस्पिटल लेन पर उसको प्राइवेट हॉस्पिटल रेफर कर दिया जाता है ,मितानिनों ने बताया कि उनके, और साथ में लाये मंजीर के साथ नर्स स्टाफ द्वारा बहुत गंदे तरीके से बात किया जाता है हमेसा डॉक्टर की कमी बताई जाती है इस हॉस्पिटल में किसी भी तरह का इलाज नाइ होता है डिलीवरी जैसा केस भी दूसरे हॉस्पिटल में रेफर कर इनके द्वारा कमीशन खाया जाता है , उन्होंने बताया कि हमारे जिले की मास्टर ट्रेनर संध्या वर्मा का भी हाइवा से ठोकर लगने के एक्सीडेंट के चलते उसको जिला चिकित्सालय लाया गया था जहाँ उसका प्राथमिक उपचार के पश्चात ऊपर के कमरे में फेंक दिया गया जहाँ उसको देखने कोई नई गया नर्स को बार बार बोलने बर्द भी उस पर कोई ध्यान नाइ दिया गया सुबह 11:30 बजे उसकी इलाज के अभाव में मौत हो गई सीएमएचओ ने कहा था कि इसकी मौत 3 नर्स और 1 डॉक्टर की लापरवाही के चलते हुआ है उनको ससपेंड करने डायरेक्टर को लिखा गया है और जरूरत पड़ी तो उनके खिलाफ धारा 302 के तहत एफआईआर करवाने की बात कही गई ,बावजूद इसके सीएमएचओ द्वारा दूसरे तीसरे दिन ही उन तीनो को बहाल कर दिया गया ये सब सीएमएचओ की चाल है जो भोली भाली जनता को बेवकूफ बना रहा है , मितानिनों ने बताया कि आज जाकर देखे मोहन के घर कोई कमाने वाला नही है उनके मा बाप की भूखों मरने की नौबत आ चुकी है पर उसके कातिल मजे से घूम रहे है क्या डॉक्टर और नर्स को किसी को जान से मारने तक का लाइसेंस मिल गया है । आज जिले में महज 26 क्लेनिक ही रजिस्टर है पर उसके अलावा सैकड़ो हॉस्पिटल गलत तरीके से संचालित है क्या सीएमएचओ आंख मूंद कर बैठा है ये तो उन सभी हॉस्पिटल से कमीशन खाता है जिसके चलते आज तक किसी भी हॉस्पिटल में झांकने नही गया क्योंकि वो डरता है कि अगर वो किसी के हॉस्पिटल में छापा मारने गया तो लोग उनको बोल सकते है भूल गए क्या जब कसडोल में बीएमओ थे तब मानस हॉस्पिटल नाम से हॉस्पिटल संचालित कर रहे थे और आज बहुत सरीफ बन रहे हो हमारे जिले में ऐसा सीएमएचओ नही चाहिए और हर डॉक्टर और नर्स जो इस जिले में 5 साल तक काम कर चुका है उनको भी अन्यत्र जिलों में ट्रांसफर किया जाए ,जिले में पदस्थ ज्यादातर डॉक्टर खुद का क्लेनिक संचालित करते है और ज्यादातर समय वही देते है हॉस्पिटल के मरीजो को भी वही जाने की सलाह देते है ऐसे डॉक्टरों की प्राइवेट क्लेनिक बंद करवाया जाए या फिर उनको नौकरी से हटाकर उनके जगह अच्छे और ईमानदार डॉक्टर को अवसर दिया जाए क्योंकि ये डॉक्टर हॉस्पिटल को दीमक की तरह चाट रहे है और नर्स भी एजेंट का काम कर रही है और अगर जल्द ही डॉक्टरो की व्यवस्था नई कर सकते तो हॉस्पिटल बंद कर देना चाहिए इनको बेकार में बैठे बैठे लाखो रुपये खिलाने से कोई मतलब नइ है इन सब बातों को सुन कर एसडीएम लवीना पांडेय ने जल्द ही उचित निर्णय लेने की बात कही तो मितानिनों ने कहा की सीएमएचओ तो लबरा हरय मैडम हमन ला तोर बात के भरोसा हे और सब कुछ लिखित में मांगा और तुरंत ही नर्स डॉक्टर को ससपेंड करने को कहा एसडीएम ने जांच के लिए समय मांगा तो गुस्साई मितानिनों ने कहा तोर ले नई बनत हे त कलेक्टर करा जाबो बोलकर 1:30बजे कॉलेक्टरेट पहुचे जिन्हें पुलिस द्वारा गेट के पास ही रोक दिया गया जहा उन लोगो ने जमकर नारेबाजी की कलेक्टर के छुट्टी में होने के चलते एसडीएम और संयुक्त कलेक्टर लवीना पांडेय के मान मनव्वल के पश्चात 10 दिनों के अंदर सारी शर्ते पूरी किये जाने की मांग के पश्चात 2 बजे उनको मितानिनों ने ज्ञापन सौंपा और कहा कि अगर 10 दिनों में ये सारी मांगे पूरी नही होगी तो जिले की सारी मितानिन काम बंद करके उग्र आंदोलन करेगी जिसकी सारी जवाब देहि प्रशासन की होगी ।

चिलचिलाती धूप में अड़े रही मितानिन–-जिले से आई मितानिने जिला चिकित्सालय में व्याप्त गड़बड़ियों को दूर करने और अपनी मांगो को लेकर 45 डिग्री की चिलचिलाती धूप में आंदोलन रत रही लगभग साढ़े तीन घंटे की कड़ी मसक्कत के बाद ही प्रशासन ने उनकी मांगों को जायज ठहराया और ज्ञापन लिया ।

पानी के लिए भटकती रही –-लगभग 10 बजे से जिला चिकित्सालय घेराव हेतु पहुची मितानिनें 10:30 से जिला चिकित्सालय का घेराव प्रारम्भ कर चुकी थी जिले के अलग अलग हिस्सों से आई महिलाओं के लिए न ही नगर पालिका ने ,न ही प्रशासन ने ,और न ही हॉस्पिटल प्रबंधन ने पानी का इंतेजाम किया चुकी वह पर किसी भी तरह का कोई हैंड पंप या पानी से संबंधित सुविधा नही होने के चलते महिलाये होटलों ,दुकानों और आसपास के घरों के चक्कर पानी के लिए लगाती दिखी वही कलेक्टोरेट घेराव के दौरान सामने स्थित फारेस्ट आफिस में पानी मिलने की बात सुनकर महिलाये वहाँ टैंकर पर पानी के लिए टूट पड़ी और अपनी प्यास बुझाई।

किसी ने पति के भरोसे तो किसी ने सास ससुर के भरोसे छोड़ कर आये थे अपने बच्चे को—मितानिन संघ के रिद्धिमा बंजारे बिलाइगढ़ ने बताया कि वो अपने 1 साल के बच्चे को अपने सास ससुर के पास छोड़ कर आई है आंदोलन जल्दी खत्म हो जाता तो वो अपने घर जाती क्या पता उसकी बच्चिअभि कैसी हालात में होगी , भाटापारा की सरीता ने बताया कि वो अपने दूध मोहे 8 माह की बेटी को अपने पति के पास छोड़कर आई है उसका पति प्राइवेट जॉब करता है बेटी को सम्हलने के लिए आज वो छुट्टी लिया है । सिमगा की रेणु ने बताया कि उसका 4 साल का बेटा भी उसके साथ बलौदाबाजार आने की जिद कर रहा एक पल के लिए लगा कि बच्चा है मेरे बगैर नही रह पाएगा तभी सास ने कहा था अभी तुहरे मन के पानी कांजी के ठिकाना नई रहे नोनी लाइका ला कहा लेगबे अतेक घाम म उनकी बातें सही थी यहाँ धूप बहुत है कहि बैठने का ठिकाना नाइ है और छाव भी नही है अब घर से काल आ रहा है बच्चा रो रहा है आंदोलन जल्दी खत्म हो तो जल्दी घर जाते ।

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