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कला: सारंगढ की बेटी शार्वी केशरवानी ने इंटरनेशनल इंडियन क्लासिकल डांस फेस्टिवल, कृष्ण सांदीपनी महोत्सव में बिखेरा कत्थक का जादू.

सारंगढ की बेटी शार्वी केशरवानी ने इंटरनेशनल इंडियन क्लासिकल डांस फेस्टिवल, कृष्ण सांदीपनी महोत्सव में बिखेरा कत्थक का जादू..

लक्ष्मी नारायण लहरे (रिपोर्टर) कोसीर(सारंगढ)। बाबा महाकाल की नगरी उज्जैन में आयोजित इंटरनेशनल इंडियन क्लासिकल डांस फेस्टिवल , कृष्ण सांदीपनी महोत्सव 2019 में नगर की नन्हीं कत्थक नृत्य साधिका शार्वी केशरवानी ने अपनी कत्थक नृत्य की प्रस्तुति दी।शार्वी केशरवानी ने अपने नृत्य की शुरुआत गुरु वंदना से की तत्पश्चात चतुरंग प्रस्तुत किया , जिसमें भगवान श्री कृष्ण की आराधना ख्याल या गीत, तराने के बोल, सरगम तथा मृदंग की परन के माध्यम से प्रस्तुत किया। बचपन की प्रारंभिक अवस्था से ही नृत्य कला को आत्मसात करते हुए शार्वी शास्त्रीय नृत्य की विधिवत शिक्षा विगत 2 वर्षों से अपनी माता श्रीमती तोषी केशरवानी से प्राप्त कर रही है। साढ़े आठ वर्ष की छोटी अवस्था में शार्वी का नृत्य जज़्बा काबिलेतारीफ है। वर्तमान में शार्वी कत्थक की शिक्षा गुरु तरुण के. शर्मा से प्राप्त कर रही हैं, जो उन्हें मंच प्रदर्शन की बारीकियों का प्रशिक्षण दे रहे हैं। मध्यप्रदेश संस्कृति विभाग के कालिदास अकादमी में आयोजित इस महोत्सव में नवोदित कलाकारों की श्रृंखला में शार्वी ने अपने प्रदर्शन से भरपूर तारीफ प्राप्त की। पूर्व में भी शार्वी केशरवानी ने अपनी नृत्य प्रतिभा से मंच पर अपनी अमिट छाप प्रस्तुत की है। प्रिंसिपल मोना मॉडर्न इंग्लिश मीडियम स्कूल, श्री रितेश केशरवानी और प्रिंसिपल मोना मॉडर्न हायर सेकेंडरी स्कूल, श्रीमती तोषी केशरवानी की बेटी शार्वी केशरवानी नृत्य के अलावा गायन, स्वीमिंग ,स्केटिंग, रंगमंच, ड्रॉइंग के साथ- साथ पढ़ाई में भी आगे है।भाई सार्थक केशरवानी भी विगत चार वर्षों से शास्त्रीय संगीत की विधिवत शिक्षा लेते हुए मध्यमा अपने गुरु श्री वाय. डी. महंत के सानिध्य में प्राप्त कर रहे हैं।इस त्रिदिवसीय कृष्ण सांदीपनी महोत्सव में देश के ख्यातिनाम कलाकारों ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। चेन्नई की अनिता श्री ने भरतनाट्यम, बैंगलोर की क्षितिजा कासरावल्ली ने भरतनाट्यम, श्री सांई मंजीरा कुचिपुड़ी आर्ट एकेडमी, गुन्टूर, ने कुचिपुड़ी, बैंगलोर की नूपुर भार्गव एवं ग्रुप ने कत्थक, अहमदाबाद से जानकी त्रिवेदी ने भरतनाट्यम , प्रथमा प्रसाद राव,बैंगलोर ने कत्थक, सिकंदराबाद की लक्ष्मीश्री हरिधा ने कुचिपुड़ी आदि जैसे ख्यातिनाम शास्त्रीय नृत्य गुरुओं तथा उनके स्टूडेंट्स की प्रस्तुतियां हुईं। इसी कड़ी में नवोदित कलाकारों और स्टूडेंट्स को भी मंच प्रदान किया गया समय-समय पर विभिन्न नृत्य गुरुओं ने अपनी विधा की बारीकियों से भी स्टूडेंट्स को अवगत कराया ,जिससे उनमें प्रतिभा का और अधिक निखार हो सके।

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