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बिलाईगढ (बलौदाबाजार): झोलाछाप डॉक्टरों पर प्रशासन सख्त, अवैध क्लीनिकों में सीलबंद कार्रवाई जारी..झोला छाप डॉक्टरों मे एक बार फिर दहशत का माहौल ….

झोलाछाप डॉक्टरों पर प्रशासन सख्त, अवैध क्लीनिकों में सीलबंद कार्रवाई जारी..झोला छाप डॉक्टरों मे एक बार फिर दहशत का माहौल ….
बिलाईगढ(बलौदाबाजार)। झोला छाप डॉक्टरों मे एक बार फिर दहशत का माहौल बनने जा रहा है। जिला प्रशासन की सख्ती के डर से झोलाछाप डॉक्टरों ने क्लीनिक बंद कर गायब हैं। जांच टीम जिन जगहों पर छापा मार कर रही है, वहां ताला मिल रहा है। कई डॉक्टर ऐसे भी हैं, जो अपनी क्लीनिक के आसपास मंडरा रहे हैं और मरीज आते ही उन्हें घर पहुंचा कर इलाज की सेवा दे रहे हैं। झोलाछाप डॉक्टरों पर कार्रवाई करने के लिए विकासखंड स्तर पर जांच टीम बनाई गई है। टीम ने नगर भटगाव के चंद्रा क्लीनिक मे उनके पूरी टीम ने दबिश दी है। जहां चंद्रा क्लीनिक मे अधिकारियों को इलाज कराते मरीज मिले।और मरीज के लिए लगाये गये विस्तार भी क्लीनिक में मिले है। दबिश के दौरान जांच मे अधिकारियों को योग्यता नहीं होने पर भी क्लीनिक संचालित करना पाया गया । और क्लीनिक संचालक पर कार्रवाई करते हुए क्लीनिक शील कर दी गई है । ऐसे कई अनेको जगहों पर कार्रवाई कर अवैध क्लीनिकों में सीलबंदी की कार्रवाई की है। पर सबसे बड़ा सवाल यह है कि पूर्व में भी झोला छाप डॉक्टरों पर बड़ी-बड़ी कार्यवाही करते प्रशासन दिखाई दिए थे। फिर अचानक 15 से 1 माह में क्लीनिक संचालित होने लगा। कई डॉक्टर तो कार्रवाई से बचने के लिए क्लिनिक बंद कर आस पास भटक रहे थे।सवाल यह भी है कि अधिकारी कुछ दिन तेजतर्रा दिखाई पडते फिर अचानक सुस्त हो जाते है आखिर शील लगे क्लीनिक क्यो खुल जाते है, यह सब अब लोगो को अपचन सा होने लगा । अब देखना यह की अब की कार्रवाई मे कितने झोला छाप डॉक्टरों पर कार्रवाई होते है और कितने का क्लीनिक शील होते है। कथित डॉक्टर क्लीनिक के बजाय घरों में जाकर इलाज कर रहे हैं। बताया जाता है कि सख्ती से रहम की उम्मीद में झोलाछाप डॉक्टर राजनीतिक पहुंच वाले लोगों से संपर्क करते दिखाई दे रहे हैं। ताकि कार्रवाई रुक जाए और इलाज का काम शुरू हो जाए। बिना डिग्री के लोगों की सेहत से खिलवाड़ करने वाले डॉक्टर अब प्रशासन की कार्रवाई से बेनकाब हो गए हैं। अब तक जिम्मेदार अधिकारीओ की सुस्त रवैये से झोला छाप डॉक्टर अपनी डॉक्टरी करते आ रहे थे। लेकिन अब कार्रवाई शुरू होते ही हालत खराब हो गई है। जानकारी के मुताबिक स्वास्थ्य विभाग ने फर्जी डॉक्टरों पता साजी कर उनके विरुद्ध पर कार्यवाही की जा रही है। टीम में एसडीएम के एल सोरी,बीएमओ रोशन देवांगन, तहसीलदार श्रीवास्तव, नायाब तहसीलदार ममता ठाकुर, थाना प्रभारी भटगांव देशमुख शामिल थे।

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