Breaking News

बलौदाबाजार – बिलाईगढ़ में दशहरा उत्सव की एक गलग पहचान है , यहाँ की दशहरा खाश तौर पे बिलाईगढ़ जमीदारो से जुड़ी एक रहस्य…

बिलाईगढ़ में दशहरा उत्सव की एक गलग पहचान है , यहाँ की दशहरा खाश तौर पे बिलाईगढ़ जमीदारो से जुड़ी एक रहस्य…

राजा ओंकारेश्वर शरण सिंह व सहदेव सिहं  सिदार का खास बातचीत

बिलाईगढ़(बलौदाबाजार)।। बिलाईगढ़ में दशहरा उत्सव की एक गलग पहचान है , यहाँ की दशहरा खाश तौर पे मनाया जाते है।
खास बात यह है कि बिलाईगढ़ की दशहरा बिलाईगढ़ की जमीदार से जुड़ी हुई है।
बिलाईगढ़ में जब जमीदारी प्रथा था . तब आज से 100 वर्ष पहले बिलाईगढ़ की जमीदार राजा हरदयाल सिंह हुआ करते थे.

और दशहरा पर्व की दिन हरदयाल सिंह की पुत्र राजा जितेंद्र सिंह का जन्म हुआ । और जमीदार परिवार में खुशी का लहर दौड़ पड़े। तब जमीदार हरदयाल सिंह ने दशहरा पर्व को धूमधाम से मनाने का मन बना लिये। और बिलाईगढ़ अंचल में दशहरा पर्व में नाच ,गाना संगीत , गढ़ विच्छेद की कार्यक्रम जमींदार द्वारा आयोजन करना प्रारंभ किए गये। जिसमे अंचल के लोग भारी संख्या में कार्यक्रम आनंद लेने जमीदार की महल में आया करते थे। और यह कार्यक्रम को उनके पुत्र राजा जितेंद्र सिंह ने यथावत बनाये रखे। और जितेंद्र सिंह का पुत्र ओंकारेश्वर शरण सिंह का जन्म दशहरे के दिन ही हुआ . जिससे जमींदार की महल में और रौनक छा गए.

यह है वर्तमान बिलाईगढ़ की जमीदार – राजा ओंकारेश्वर शरण सिंह

बिलाईगढ़ की वर्तमान जमीदार ओंकारेश्वर शरण सिंह से हमारे cgkhabarnews.in के एडिटर सहदेव सिंह सिदार ने खास बात चीत किये जिसमे यह सारी जानकारी उन्हों दी है। वही उनके भी पुत्र सौभाग्य शरण सिंह का जन्म भी दशहरे पर्व का दिन हुआ है। इस लिए दशहरा पर्व बिलाईगढ़ जमींदार परिवार के लिए खास पर्व है।
जमीदार ओंकारेश्वर शरण सिंह ने आगे बताया कि नवरात्रि पर्व में उनके ईष्ट देवी बूढ़ी माई का पूजा होता है। वही महल में जवारा की लगाई जाती है। साथ ही नवरात्रि की नवमीं का दिन जवारा विषर्जन व अस्त्र शस्त्र का पूजा नवरात्रि में करते है। वही बिलाईगढ़ की सुरक्षा के लिए ग्राम पूजा , बिलाईगढ़ की सुरक्षा के लिए चारो ओर स्थापित देवी देवताओं को बलीपुजा, स्वेत पूजा नवरात्रि में दिया जाता है।

■ ये है बिलाईगढ़ जमीदारो का इतिहासिक वंश वृक्ष

दसमी की दिन रावण दहन किया करते है । साथ ही गढ़ विच्छेद व लंबी खुद का कार्यक्रम रखा जाता है। जितने वाले के लिए उचित इनाम व जमीदार परिवार की ओर से विजेता को सम्मनित किया जाता हैं। वही रात्रि में नाच गान सहित कई एक कार्यक्रम आयोजित किया जाता है। जिसे देखने के लिए पूरे अंचल के लोग पहुँचते है..


और इस वर्ष भी नवरात्री व दशहरा पर्व को धूमधाम से मनाने के लिए जमींदार परिवार द्वारा जोर शोर से तैयारी किया जा रहा है…

Website Design By Mytesta +91 8809666000

Check Also

डभरा(जाजगीर): 8 वर्षीय लड़की की अपहरण की कोशिश,मामला डभरा थाना का बघौत गांव का…

🔊 Listen to this ■ 8 वर्षीय लड़की की अपहरण की कोशिश,मामला डभरा थाना का …